Dil to tod hi diya hai ab jalado ashiyana mera..
Taki hum jalkar khak ho jaye..
Na dekh sake gairon ke sang muskurana tera..
दिल तो तोड़ ही दिया है अब जला दो आशियाना मेरा,
ताकि हम जलकर खाक हो जाए
ना देख सकेंगे गैरों के संग मुस्कुराना तेरा
JANAZA mera uth raha tha, fir be takliff thi unko aane me, Bewafa ghar me baithe puch rahe the, Aur kitni der hai "Dafnane" me...
जनाजा मेरा उठ रहा था,
फिर भी तकलीफ थी उसको आने में,
बेवफा घर में बैठी पूछ रही थी,
और कितनी देर है दफनाने में..
Bewafai Ki Ye Inteha Ho Gayi..
Tujhse Juda Ho Kar Bhi Jeeney Ki Aadat Ho Gayi..
Tum Laut Ke aaoge Hm Se Milne..
Roz Dil Ko Behlane Ki Aadat Ho Gayi..
बेवफा की यह इंतिहा हो गई,
तुझसे जुदा होकर भी जीने की आदत हो गई,
तुम लौट के आओ गे हमसे मिलने
रोज दिल को बहलाने की आदत हो गई..
Pathar Ke Aage Sar Na Jhukana.
Ki Wo Devta Ho Jaye..
Kisi Se Itni Mohabat Na Karna..
Ki Wo Bewafa Ho Jaye..
पत्थर के आगे सर न झुकाना
की वो देवता हो जाए
किसी से इतनी मोहब्बत न करना
कि वो बेवफा हो जाए
Hasi-Hasi mai kitno ko hasa diya, hasi-Hasi mai kitne gamo ko chupa liya,
haskar gaya koi hum par is tarah,
ki hume zindagi bhar hasna bhula diya..
हंसी हंसी मैं कितनों को हसा दिया,
हंसी हंसी मैं कितने गमों को छुपा लिया,
हंसकर गया कोई हम पर इस तरह
की हमें जिंदगी भर हंसना भुला दिया..
Lamha Lamha Sanse Khatm Ho Rahi Hai,
Jindagi Maut Ke Pahloo Me So Rahi Hai,
Us Bewafa Se Mat Pucho Meri Maut Ki Wajah,
Wo To Bus Jamane Ko Dikhane Ke Liye Ro Rahi Hai
लम्हा लम्हा सांसे खत्म हो रही है,
जिंदगी मौत के पहलू में सो रही है,
उस बेवफा से मत पूछो मेरी मौत की वजह
वो तो बस जमाने को दिखाने के लिए रो रही है..
Unke bewafai pe wafa ham karenge,
Yaad ko unki dil se juda ham karenge..
Itna chaha fir bhi yaqin nahi use, Aisi zindagi jee kar kya karenge
उसके बेवफाई पे वफा हम करेंगे,
याद को उसकी दिल से जुदा हम करेंगे,
इतना सहा फिर भी यकीन नहीं उसे
ऐसी जिंदगी जी कर क्या करेंगे...
Khel ko uske samajh na sake hum, Aur wafaien uspe nisaar kar baithe, Maqtool bhi hum maqsood bhi hum sacche hue,
Wo aur hame beviqaar kar baithe.
खेल को उसके समझ ना सके हम,
और वफाएं उस पे निसार कर बैठे,
मकतूल भी हम मकसूल भी हम अच्छे हुए
वह और हमें बेकार कर बैठे...
Zakhm Aisa Diya Ki Koi Dawa Kaam Na Aayi..
Aag Aisi lagai Ki Paani Se Bhi Bhuj Naa Paayi..
Aaj Bhi Rote Hai Hum Unki Yaad Mein..
Jinhe Hamari Yaad Aaj Tak Naa Aayi….
जख्म ऐसा दिया कि कोई दवा काम न आई,
आग ऐसी लगायी की पानी से भी बूझ न पाई,
आज भी रोते हैं हम उनकी याद में
जिन्हें हमारी याद आज तक न आई...
Jo bhi mila woh ham se khafa mila..
Dekho dosti ka kya sila mila..
Umar bhar rahi faqat wafa ki talash..
Par har shaks mujh ko bewafa mila
जो भी मिला वो हमसे खफा मिला,
देखो दोस्ती का क्या सिला मिला,
उम्र भर रही फकत वफा की तलाश
पर हर शख्स मुझको खफा मिला...
Ab Toh Gham Sehne Ki Aadat Si Ho Gayi Hai,
Raat Ko Chhup - Chhup Rone Ki Aadat Si Ho Gayi Hai,
Tu Bewafa Hai.....
Khel Mere Dil Se Jee Bhar Ke, Humein Toh Ab Chot Khaane Ki Aadat Si Ho Gayi Hai..
अब तो गम सहने की आदत सी हो गई है,
रात को छुप-छुप के रोने की आदत सी हो गई है,
खेल मेरे दिल से जी भर के
हमें तो अब चोट खाने की आदत सी हो गई है..
Unko azmakar dekh liya,
ek dhoka kha kar dekh liya,
kya hua hum hue barbad,
Unhone to apna dil behlakar dekh liya. . .
उसको अजमा कर देख लिया,
एक धोखा खाकर देख लिया,
क्या हुआ हम हुए बर्बाद
उन्होंने तो अपना दिल बहला कर देख लिया..
Jholi faila kar manga tha use khuda se..
Par khuda ne merifariyad ko suna nahi..
Jab v pucha maine iski wajah to usne kaha..
Kyu chahte ho use jo tere liye bana hi nahi...
झोली फैलाकर मांगा था उसे खुदा से,
पर खुदा ने मेरी फरियाद को सुना नहीं,
जब भी पूछा मैंने इसकी वजह तो उसने कहां
क्यों चाहते हो उसे जो तेरे लिए बना ही नहीं..
Toote dil ne b uske liya dua mangi..
meri saanso ne har pal uski khushi mangi,
jane kya dillagi thi us bewafa se meri..
aakhri khwaish me bhi uski wafa maangi...
टुटे दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी,
मेरी सांसों ने हर पल उसकी खुशी मांगी,
जाने क्या दिल्लगी थी उस बेवफा से मेरी
आखिरी ख्वाइश मैं भी उसकी वफा मांगी..
Mohabbat ek dhoka hai jisme har aashiq rota hai..
Kya mila kisiko mohabbat karke Jisne pyar nahi kiya wo bhi kisiki Love Story sun ke rota hai.
मोहब्बत एक धोखा है जिसमें हर आशिक रोता है,
क्या मिला किसी को मोहब्बत करके
जिसने प्यार नहीं किया वह भी किसी की लव स्टोरी सुन के रोता है...
Ho Sake To Tum Mujhe Maaf Kar Dena..
Mere Muqaddar Mein Apni Dua Kar Dena..
Socho To Bahut Taqlif Di Hai Tumhe..
Par Mere Dil Ki Tum Dawa Kar Dena..
Meri Bewafai Ki Yahi Saza Hai Kafi..
Ki Apne Ansooho Ko Meri Saza Kar Dena...
हो सके तो तुम मुझे माफ कर देना,
मेरे तकदीर मैं अपनी दुआ कर देना,
सोचो तो बहुत तकलीफ दी है तुम
पर मेरे दिल की दुआ कर देना
मेरी बेवफाई की यही सजा है काफी
की अपने आंसू को मेरी सजा कर देना..
Tanhai jab muqaddar mein likhi hai, To kya shikayat apne or baygane se..
Hum Mit gaye Jinki Chahat mein ,
Woh phir bhi baaz Nahin aate humein aazmane se..
तनहाई जब मुकद्दर में लिखी है,
तो क्या शिकायत अपने और बेगाने से,
हम मिट गए जिनकी चाहत में
वो फिर भी बाज नहीं आते हमें अजमाने से..
Mehfil Na Sahi Tanhai To Milti Hai, Milan Na Sahi Judaai To Milti Hai, Kaun Kehta Hai Ki Pyar Me Kuch Nai Milta,
Wafa Na Sahi Bawafai To Milti Hai.
महफिल न सही तनहाई तो मिलती है,
मिलन न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता है कि प्यार में कुछ नहीं मिलता है
वफा न सही बेवफाई तो मिलती है...
Har Samandar Ka Ek Kinara Hota Hai,
Har Rat Ka Ek Savera Hota Hai, Kyun Kar Raha Hai Ye Julm Aye Rabba..
Kyun Har Bewafa Ka Ek Diwana Hota Hai!!!
हर समुंदर का एक किनारा होता है,
हर रात का एक सवेरा होता है,
क्यों कर रहा है ये जुर्म ये रब्बा
क्यों हर बेवफा का एक दीवाना होता है..
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